भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल, गोचारण, माखन चोरी, कालिय मर्दन, गोवर्धन लीला, रासलीला और अन्य दिव्य प्रसंगों का जीवंत मंचन।
भगवान श्रीराम के जीवन आदर्शों पर आधारित पारंपरिक एवं भव्य प्रस्तुतियाँ।
ब्रज की सबसे प्राचीन एवं आध्यात्मिक नाट्य परंपराओं में से एक, जो भक्ति और सौंदर्य का अनुपम संगम है।
ब्रज की विशिष्ट लोकनृत्य परंपरा, जिसमें कलाकार सिर पर दीपों से सुसज्जित चरकुला धारण कर अद्भुत नृत्य प्रस्तुत करते हैं।
श्रीकृष्ण एवं राधारानी की लीलाओं से प्रेरित यह नृत्य ब्रज की पहचान माना जाता है।
लोकजीवन, परंपरा और उत्सवों से जुड़ा अद्वितीय लोकनृत्य।
वृंदावन एवं बरसाना की विश्वविख्यात परंपरा का मंचीय प्रस्तुतीकरण।
ब्रज के पारंपरिक लोकगीतों और होली उत्सव की मधुर सांगीतिक अभिव्यक्ति।
भजन, कीर्तन एवं नाम संकीर्तन के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण।
भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं लोकजीवन पर आधारित नाट्य मंचन।
संस्था कलाकारों, विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती है।