आकाशवाणी मथुरा की B-ग्रेड लोक गायिका श्रीमती मीरा चंदेल ब्रज लोकसंगीत की प्रतिष्ठित स्वर साधिका हैं।
पाँच दशकों से अधिक समय से आप लोकसंगीत के संरक्षण एवं संवर्धन में सक्रिय हैं। आपकी गायकी केवल संगीत नहीं, बल्कि ब्रज की सांस्कृतिक स्मृतियों का जीवंत दस्तावेज है।
आपकी प्रस्तुतियाँ भारत के अनेक सांस्कृतिक मंचों पर सराही गई हैं तथा आपने असंख्य कलाकारों को प्रशिक्षण देकर ब्रज लोकसंगीत को नई पीढ़ी तक पहुँचाया है।
“संत-महात्माओं के लाडले • ब्रज संस्कृति के संवाहक”
पं. दीपक शर्मा ब्रज संस्कृति, लोक परंपराओं और आध्यात्मिक विरासत के समर्पित संवाहक हैं। आपके नेतृत्व में संस्था ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। आपने ब्रज की परंपराओं को आधुनिक मंचीय प्रस्तुतीकरण के साथ जोड़कर उन्हें नई पीढ़ी और वैश्विक दर्शकों के लिए आकर्षक बनाया है।
आपका जीवन केवल सांस्कृतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि ब्रज की आध्यात्मिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाने का एक सतत अभियान है।
“जहाँ ब्रज की आत्मा मंच पर सजीव होती है, वहाँ पं. दीपक शर्मा का दिव्य सृजन प्रकट होता है।”
युवा शक्ति एवं सांस्कृतिक नवाचार
कथक विशारद एवं सांस्कृतिक प्रशिक्षक। युवा कलाकार विकास, मंचीय कोरियोग्राफी और सांस्कृतिक प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
जागृति पाल नई पीढ़ी की प्रतिनिधि हैं, जो ब्रज संस्कृति को आधुनिक प्रस्तुतीकरण एवं नवाचार के साथ आगे बढ़ा रही हैं।
“संगीत विशारद एवं चरकुला नृत्य विशेषज्ञ”
ब्रज की लोकसंस्कृति एवं चरकुला नृत्य परंपरा के संरक्षण में आपका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है